Wednesday, November 04, 2015

मेरे हर्फ की कहानी

मेरे हर हर्फ में छिपी कहानी हो तुम

कभी मोहब्बत भरे हरफ़ में छिपा "मोह" हो तुम
तो कभी चाहत के हर्फ में छिपी "हद"
कभी दर्द में छिप कर "दुआ" बन जाती हो
और कभी दुआ में छिप कर "आह"


हर्फ - means "word"



2 comments:

  1. Wo har harf tera, tere haunsle-sa
    Toota hai jab jab,
    Uljha hai jab jab
    Gira hai nami sa,
    Raha hai kami sa...
    Wo jud jaayega phir
    Kahani - sa ek din
    Wo mil jayega phir
    Tere raaston mein in....
    Tujhe dhoond lega tera harf us din.
    :)

    ReplyDelete